मंगलवार, 30 दिसंबर 2025

घर पर किडनी की सेहत कैसे चेक करें?

 किडनी की सेहत की जांच घर पर पूरी तरह से लैब टेस्ट की तरह तो नहीं की जा सकती, लेकिन कुछ शारीरिक लक्षणों और होम टेस्टिंग किट्स की मदद से आप इसकी स्थिति का अंदाज़ा लगा सकते हैं।

यहाँ कुछ आसान तरीके दिए गए हैं जिनसे आप घर पर अपनी किडनी की सेहत पर नज़र रख सकते हैं:


1. पेशाब में बदलाव (Urine Observation)

किडनी की खराबी का सबसे पहला संकेत पेशाब में दिखता है:

  • झाग आना: अगर पेशाब में साबुन के झाग जैसा बहुत ज्यादा झाग बन रहा है, तो यह पेशाब में प्रोटीन (एल्ब्यूमिन) लीक होने का संकेत हो सकता है।

  • रंग में बदलाव: गहरा पीला, लाल या कोला (भूरा) जैसा रंग खून या इन्फेक्शन की ओर इशारा करता है।

  • बार-बार जाना: खास तौर पर रात के समय बार-बार पेशाब आने की ज़रूरत महसूस होना।

2. शारीरिक संकेतों को पहचानें

  • सूजन (Edema): अगर आपके पैरों, टखनों (ankles) या आंखों के नीचे सुबह के वक्त सूजन दिखाई देती है, तो इसका मतलब है कि किडनी शरीर से अतिरिक्त सोडियम और पानी बाहर नहीं निकाल पा रही है।

  • त्वचा में खुजली और सूखापन: खून में टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थ) जमा होने पर त्वचा में बेवजह खुजली और सूखापन हो सकता है।

  • जल्दी थकान होना: किडनी 'एरिथ्रोपोएटिन' हार्मोन बनाती है जो खून बनाने में मदद करता है। इसकी कमी से थकान और कमजोरी महसूस होती है।


3. होम टेस्टिंग किट्स (Home Test Kits)

अब बाजार में ऐसी 'यूरिन टेस्ट किट्स' (जैसे Neodocs या GetTested) उपलब्ध हैं जिनसे आप घर बैठे जांच कर सकते हैं।

  • इनमें एक स्ट्रिप (Strip) होती है जिसे पेशाब के सैंपल में डुबाना होता है।

  • यह स्ट्रिप प्रोटीन, क्रिएटिनिन और ग्लूकोज जैसे लेवल चेक करती है।

  • स्मार्टफोन ऐप के जरिए आप तुरंत रिजल्ट देख सकते हैं।

4. बीपी और शुगर की जांच

अगर आपको डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर है, तो आप रिस्क जोन में हैं। घर पर नियमित रूप से इनका लेवल चेक करें, क्योंकि ये दोनों बीमारियां किडनी खराब होने का सबसे बड़ा कारण हैं।


जरूरी सूचना: ये घर पर किए जाने वाले टेस्ट केवल शुरुआती संकेत दे सकते हैं। यदि आपको कोई गंभीर लक्षण दिखे, तो डॉक्टर से मिलकर KFT (Kidney Function Test) जरूर करवाएं, जिसमें सीरम क्रिएटिनिन और GFR की सटीक जांच होती है।




जीवनशैली और खानपान
  1. हाइड्रेटेड रहें
    दिन भर में 8-10 गिलास पानी पिएं (पेशाब का रंग हल्का पीला होना चाहिए), यह विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, पर ज्यादा पानी की जरूरत व्यक्ति की जरूरत पर निर्भर करती है. 
  2. नमक कम करें
    प्रोसेस्ड और पैकेट वाले खाने से बचें, क्योंकि इनमें सोडियम (नमक) ज्यादा होता है, जो ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और किडनी को नुकसान पहुंचाता है.
  3. स्वस्थ आहार
    ताजे फल, सब्जियां खाएं और कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन का संतुलन बनाए रखें; फास्ट फूड और कोल्ड ड्रिंक्स से बचें. 
  4. वजन कंट्रोल करें
    सामान्य वजन बनाए रखें, क्योंकि मोटापा किडनी पर दबाव डालता है. 
  5. धूम्रपान और शराब छोड़ें
    ये दोनों किडनी के लिए बहुत हानिकारक हैं, इनसे पूरी तरह बचें. 
  6. पेनकिलर से बचें
    बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दर्द निवारक दवा (पेनकिलर) न लें, ये किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं.