बुधवार, 28 जनवरी 2026

क्या डायलिसिस बंद हो सकता है?

 हाँ, डायलिसिस बंद हो सकता है, लेकिन यह एक गंभीर निर्णय है जो केवल डॉक्टर और मरीज की आपसी सहमति से, पूरी समझ के साथ लिया जाता है, क्योंकि यह जीवन-रक्षक उपचार है; मरीज किडनी प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) के बाद डायलिसिस बंद कर सकता है, या जीवन की गुणवत्ता और आराम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अंतिम चरण की देखभाल (पैलिएटिव केयर) के हिस्से के रूप में इसे बंद कर सकता है, जिसके बाद मरीज के पास कुछ दिन या सप्ताह ही बच सकते हैं।


डायलिसिस बंद करने के कारण और स्थितियाँ:

  1. किडनी प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट): यह डायलिसिस से पूरी तरह छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका है, जिसके बाद व्यक्ति लगभग सामान्य जीवन जी सकता है (दवाओं के साथ)।

  2. जीवन की गुणवत्ता को प्राथमिकता देना: जब डायलिसिस की शारीरिक और मानसिक मांगें भारी हो जाती हैं और मरीज अपने बचे हुए समय को परिवार के साथ बिताना चाहता है, तो आराम पर केंद्रित देखभाल (पैलिएटिव केयर) के लिए डायलिसिस बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।

  3. तीव्र गुर्दा चोट (Acute Kidney Injury): कुछ मामलों में, किडनी की चोट ठीक हो जाती है और मरीज समय पर डायलिसिस बंद कर सकता है।

  4. अन्य गंभीर बीमारियाँ: यदि मरीज को अन्य गंभीर बीमारियाँ हैं और डायलिसिस जीवन बचाने के बजाय केवल मृत्यु को लंबा कर रहा है, तो इसे बंद किया जा सकता है।

क्या होता है जब डायलिसिस बंद हो जाता है (अंतिम चरण की देखभाल):

  • लक्षणों का प्रबंधन: शरीर में तरल पदार्थ जमा होने और विषाक्त पदार्थों के कारण थकान, सांस लेने में तकलीफ और अन्य लक्षण हो सकते हैं, जिनका प्रबंधन दवाओं (जैसे मूत्रवर्धक) से किया जाता है।

  • आराम और देखभाल: इस दौरान पैलिएटिव (प्रशामक) या धर्मशाला (हॉस्पिस) देखभाल प्रदान की जाती है ताकि मरीज आरामदायक और शांत महसूस करे।

  • सीमित समय: डायलिसिस बंद करने के बाद मरीज के पास आमतौर पर कुछ दिन या सप्ताह ही बचते हैं, और यह एक व्यक्तिगत निर्णय होता है।


निष्कर्ष:

डायलिसिस बंद करने का निर्णय एक बहुत ही व्यक्तिगत और कठिन होता है, जिसे डॉक्टर, परिवार और मरीज की सहमति से लिया जाता है, खासकर जब यह जीवन के अंतिम चरण में होता है या प्रत्यारोपण संभव हो।